दून अस्पताल छेड़छाड़ मामला दर्शाती न्याय और जिम्मेदारी की प्रतीकात्मक छविदून अस्पताल छेड़छाड़ मामला: अस्पतालों में सुरक्षा और न्याय की गंभीर तस्वीर

पोक्सो अदालत का सख्त फैसला, अस्पतालों में सुरक्षा पर फिर उठा सवाल

विशेष न्यायाधीश (पोक्सो) अर्चना सागर की अदालत ने दून अस्पताल के एक वार्ड ब्वाय को मरीज के साथ छेड़छाड़ के मामले में दोषी करार देते हुए पांच वर्ष की कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही, आरोपी पर पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। यदि आरोपी जुर्माना नहीं भरता है, तो उसे एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। यह मामला तब शुरू हुआ जब एक महिला ने 20 दिसंबर 2022 को अपनी 17 वर्षीय पुत्री को दौरे पड़ने के कारण दून अस्पताल में भर्ती कराया। अस्पताल में भर्ती के दौरान, रात करीब 11 बजे, वार्ड ब्वाय दीपक ने पीड़िता को दवाई देने के बहाने एक अन्य केबिन में बुलाया। वहां उसने पीड़िता के साथ छेड़छाड़ की।

 

यह घटना अस्पताल के सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। पुलिस ने 22 दिसंबर 2022 को आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया और 17 जुलाई 2023 को उसे गिरफ्तार किया। अदालत में पीड़िता ने अपने बयान में बताया कि उसकी तबीयत खराब थी और उसने वार्ड ब्वाय से दवाई मांगी थी। आरोपी ने उसे केबिन में ले जाकर छेड़छाड़ की और शोर मचाने पर उसे जमीन पर गिरा दिया। पुलिसकर्मियों ने उसे वहां से छुड़ाया। अभियोजन पक्ष ने इस मामले में छह गवाहों को अदालत में पेश किया।

 

 

सभी को अपने और दूसरों के अधिकारों का सम्मान करना चाहिए। ऐसे मामलों में जागरूकता आवश्यक है।


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By Kamlesh

कमलेश सिंह भंडारी एक समर्पित क्राइम रिपोर्टर हैं, जो उत्तराखंड भर से सटीक और समय पर समाचार अपडेट प्रदान करते हैं। वे पुलिस रिपोर्ट, कानूनी घटनाक्रम और सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़े मामलों में विशेष रुचि रखते हैं। उनका कार्य तथ्यात्मक और जिम्मेदार पत्रकारिता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

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