उत्तराखंड की राजधानी में महिलाओं की सुरक्षा पर बढ़ती चिंता
राजधानी देहरादून में हाल के दिनों में महिला अपराधों की घटनाओं में वृद्धि ने आम जनता को चिंतित कर दिया है। हालिया घटनाओं में हत्या की वारदातों ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मछली बाजार क्षेत्र में एक युवती की हत्या की घटना ने इस चिंता को और बढ़ा दिया है। बताया गया है कि मृतका ने घटना से दो दिन पहले ही आरोपी के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी।
इसके बावजूद पुलिस द्वारा समय पर कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाने से यह हत्या हुई। इस घटना ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। विपक्षी दलों ने भी सरकार पर महिला सुरक्षा को लेकर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस के नेताओं का कहना है कि देहरादून में कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। व्यापारी वर्ग ने भी सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। हाल के महीनों में महिलाओं के खिलाफ छेड़छाड़, धमकी, घरेलू हिंसा और हत्या के मामलों में वृद्धि हुई है। पुलिस की ढिलाई और पीड़िताओं की शिकायतों पर कार्रवाई न होने से जनता में असुरक्षा का भाव बढ़ रहा है।
उत्तराखंड में महिला अपराधों के आंकड़े भी चिंताजनक हैं। पिछले तीन वर्षों में 1822 दुष्कर्म और 1796 अपहरण के मामले दर्ज हुए हैं। पिछले पांच वर्षों में 10500 महिलाएं और बालिकाएं गुमशुदा हुई हैं, जिनमें से 757 अभी भी लापता हैं। अज्ञात महिला शवों की संख्या भी बढ़ रही है, जिसमें केवल 87 की पहचान हो पाई है। यह स्थिति न केवल महिलाओं की सुरक्षा के लिए खतरा है, बल्कि पूरे सिस्टम की संवेदनहीनता को भी दर्शाती है।
महिला सुरक्षा एक महत्वपूर्ण मुद्दा है, सभी को इसके प्रति जागरूक रहना चाहिए।
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